16 February 2019



खेलकूद
टीम इंडिया का दर्द
02-04-2012
टीम इंडिया की सबसे दुखती रग तेज गेंदबाजी है। इन गेंदबाजों की गति व दिशा भले ही संतोषजनक हो लेकिन इनके प्रदर्शन में चोट सबसे बड़ी बाधा है। वर्ल्डकप के बाद भारत ने बारह तेज गेंदबाजों जहीर खान, मुनाफ पटेल, प्रवीण कुमार, विनय कुमार, उमेश यादव, अभिमन्यु मिथुन, एस.श्रीसंथ, आरपी सिंह, इशांत शर्मा ,इरफान पठान,अशोक डिंडा व वरूण आरोन को आजमाया। इनमें से आठ गेंदबाज किसी न किसी सीरीज में चोटग्रस्त हो गए और अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। कमजोर गेंदबाजी ब्रिगेड के साथ धोनी और क्या कर सकते थे। पहले इंग्लैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया में देखा गया कि भारतीय गेंदबाजों की मेजबानों ने जमकर धुनाई की। टेस्ट मैेचों में पहाड़ सा रन बनाने के अलावा वनडे में भी इनकी जमकर धुनाई हुई। वनडे में अधिकांश अवसरों पर भारतीय तेज गेंदबाज अपने निर्धारित दस ओवरों में 50 से ज्यादा रन लुटाते रहे। तेज गेंदबाजों को लगातार चोटग्रस्त होता देखकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक योजना बनाई है। इसके तहत 10 युवा तेज गेंदबाजों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें टीम इंडिया में खेलने का मौका दिया जा सके। वैसे अभी भी टीम इंडिया की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। एशिया कप में भी हमारी तेज गेंदबाजी सबसे कमजोर कड़ी थी। जहीर यदि फिट हो तो टीम के आक्रमण की ताकत बढ़ जाती है लेकिन उनके बार-बार चोटग्रस्त होने के बाद भी अभी तक उनका विकल्प नहीं ढूंढा जा सका है।