16 February 2019



खेलकूद
ओलंपिक टिकट विजेंदर ने कटा ही लिया
09-04-2012

नई दिल्ली। विजेंदर सिंह [75 किग्रा] रविवार को कजाखस्तान के अस्ताना में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर के सेमीफाइनल में पहुंचकर लगातार तीसरी बार ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले मुक्केबाज बन गए। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक से इन दोनों प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय विजेंदर ने मंगोलिया के चुलुनटुमुर तुमुरखुयाग को 27-17 से हराकर सिर्फ ओलंपिक का टिकट ही हासिल नहीं किया बल्कि इस टूर्नामेंट का पदक भी पक्का किया। विजेंदर के लंदन के लिए क्वालीफाई करने से वह इस महासमर का टिकट कटाने वाले पांचवें भारतीय मुक्केबाज बन गए हैं। भारत के एल देवेंद्रो सिंह [49 किग्रा], जय भगवान [60 किग्रा], मनोज कुमार [64 किग्रा] और विकास कृष्ण [69 किग्रा] पिछले साल विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं। विकास ने इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीता था और वह विजेंदर के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे मुक्केबाज हैं। विजेंदर ने अस्ताना में जीत दर्ज करने के बाद कहा, 'मैं वापस आ गया हूं।' यह 26 वर्षीय पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के पहले प्रयास में असफल रहा था। दुनिया के पूर्व नंबर एक मुक्केबाज ने कहा, 'मैंने अपने सारे आलोचकों को जवाब दे दिया है जो विश्व चैंपियनशिप के पहले राउंड में मेरे हारने के बाद कह रहे थे कि मेरा बोरिया बिस्तर बंध चुका है।' वर्ष 2008 के बीजिंग ओलंपिक से पहले विजेंदर ने एशियाई क्वालीफायर में स्वर्ण पदक जीता था जो कजाखस्तान में ही हुआ था। उन्होंने कहा, 'अब मैं सब कुछ ओलंपिक को देकर साबित कर दूंगा कि मैं सर्वश्रेष्ठ हूं। क्वालीफाई करने के बाद काफी राहत महसूस हो रही है। ओलंपिक में लगातार तीसरी बार क्वालीफाई करने वाला पहला मुक्केबाज बनने का अहसास विशेष है।' विजेंदर को शुरुआती बाउट में बाई मिली थी और प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने सीरिया के इशाक वाएज को हराया था। राष्ट्रीय कोच गुरबक्श सिंह संधू ने कहा, 'उसकी फिटनेस और सहनशक्ति आज की बाउट से दिख गई। वह जिस तरह से खेला, उसने मुझे हैरत में डाल दिया।' उन्होंने कहा, 'मेरे पास इस बाउट को बया करने के लिए शब्द ही नहीं है कि उसकी बाउट कितनी अच्छी थी। उसने शानदार प्रदर्शन किया।' विजेंदर 2004 एथेंस ओलंपिक के शुरुआती राउंड में हार गए थे लेकिन उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल किया।