19 February 2019



खेलकूद
युवराज सिंह ने बताई अपने दिल की बात
12-04-2012

गुड़गांव. टीम इंडिया की वर्ल्डकप जीत के नायक रहे युवराज सिंह कैंसर के खिलाफ जंग जीतने के बाद जोश में हैं। युवी ने इस घातक बीमारी से मुक्का-लात के दौरान आए भावुक पलों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बयां किया। युवी ने बताया कि इलाज पूरा होने के बावजूद वो खुद को अकेला महसूस कर रहे थे। लेकिन सचिन तेंडुलकर ने उनसे मुलाकात कर उन्हें खुश कर दिया।कीमोथैरेपी के बाद नए लुक में भारत लौटे युवराज ने कहा, "लंदन में सचिन से मुलाकात बेहतरीन अनुभव था। मैं इस बात की जानकारी किसी को नहीं होने देना चाहता था लेकिन मीडिया को किसी तरह इसकी जानकारी लग गई।""मैं सचिन को देखकर बेहद खुश था। सचिन एक दिग्गज खिलाड़ी होने के साथ-साथ शानदार व्यक्तित्व के मालिक भी हैं। मेरे लिए उनसे मिलना बहुत बड़ा मनोबल था। मैं खुश हूं कि सचिन इतनी दूर से चलकर मुझसे मिलने पहुंचे।"कीमोथैरेपी के बाद गंजे हुए युवी हाल ही में आई बॉलीवुड फिल्म अग्निपथ के एक किरदार जैसे दिख रहे हैं। प्रेस वार्ता के दौरान युवराज संजय दत्त के कांचा चीना लुक में किसी डॉन से कम नहीं लग रहे थे। हालांकि फिल्म में कांचा चीना एक नकारात्मक किरदार था, लेकिन युवराज इसके विपरीत एक हीरो की तरह दिखे। शायद इसी कारण उनके प्रशंसकों ने उन्हें योद्धा युवी बुलाना शुरू कर दिया है। ।युवराज ने कहा कि लम्बे समय से साथ-साथ खेल रहे होने के कारण सचिन के साथ उनकी एक खास तरह की दोस्ती कायम हो गई है। इस कारण उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह सचिन के 100वें शतक का गवाह नहीं बन सके।बकौल युवराज, "मैं उस टीम का हिस्सा बनना चाहता था, जिसके लिए खेलते हुए सचिन अपना 100वां शतक पूरा करने वाले थे लेकिन दुर्भाग्य से यह नहीं हो सका। मैं इसे लेकर निराश था।"