16 February 2019



खेलकूद
चैलेंजर्स का मुकाबला वारियर्स से
17-04-2012

बेंगलूर। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के लिए पुणे वारियर्स का सामना चैलेंज से कम नहीं होगा। वारियर्स जोश में हैं और फॉर्म में भी। बेंगलूर को घरेलू माहौल का लाभ मिल सकता है, लेकिन उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान देना होगा। उनकी बल्लेबाजी ही उनके आड़े आ रही है। मध्यक्रम के बल्लेबाज टिक नहीं पा रहे, जबकि शीर्षक्रम में निरंतरता की कमी है। इसके अलावा पांचवें गेंदबाज की कमी भी उनके लिए चिंता का कारण बनी हुई है। दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ जीत के बाद रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान डेनियल विटोरी के लिए हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। उनकी टीम को लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। रॉयल चैलेंजर्स को अब तक पांचवें गेंदबाज का स्थान भरने के लिए कोई गेंदबाज नहीं मिल पाया है। पांचवें गेंदबाज की कमी से प्रतिद्वंद्वी टीमें फायदा उठाने में सफल हो रही हैं। मध्यक्रम में विशेषकर भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली, सौरभ तिवारी और चेतेश्वर पुजारा निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। आरसीबी के प्रशंसकों ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ भी पांचवें गेंदबाज की कमी को देखा। राजस्थान ने अंतिम छह ओवर में 100 से ज्यादा रन बना लिए। विटोरी को हालांकि उम्मीद थी कि क्रिस गेल विकेट चटकाकर या फिर रन रोककर पांचवें गेंदबाज की भूमिका का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन वेस्टइंडीज का यह खिलाड़ी उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और बीती रात उसने एक ओवर में 21 रन गंवा दिए। सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान, विराट कोहली, क्रिस गेल और एबी डिविलियर्स निश्चित रूप से वापसी को बेकरार होंगे और मजबूत स्कोर बनाना चाहेंगे। कोहली को अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव करना पड़ेगा। विटोरी अगर टॉस जीतते हैं तो पहले बल्लेबाजी कर हार के सिलसिले को तोड़ना चाहेंगे। पिच के बारे में उन्हें लगता है कि यह बल्लेबाजों के मुफीद होगी और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को इस पर मुश्किल हो सकती है। वहीं वारियर्स में भले ही युवराज सिंह और ग्रीम स्मिथ जैसे मुख्य खिलाड़ियों की कमी है, लेकिन कप्तान सौरव गंागुली अपनी टीम को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी अगुआई में टीम ने अभी तक सिर्फ एक मैच गंवाया है, और मुंबई इंडियंस तथा चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज है।