19 February 2019



खेलकूद
मुंबई को हराकर शीर्ष पर पहुंचे डेयरडेविल्स
17-04-2012

मुंबई। फिरकी गेंदबाज शहबाज नदीम [2/16] की अगुवाई में आईपीएल-पांच के 19वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस पर जबर्दस्त अंकुश लगाते हुए दिल्ली डेयरडेविल्स ने 31 गेंद शेष रहते सात विकेट से हराते हुए आसान मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से दिल्ली डेयरडेविल्स शीर्ष पर पहुंच गए हैं। मेजबान मुंबई को सचिन तेंदुलकर की कमी खली जो अंगुली की चोट के कारण लगातार चौथे मैच में नहीं खेल पाए। उसके केवल दो बल्लेबाज कप्तान हरभजन सिंह [33 रन, 22 रन] और रोहित शर्मा [29 रन, 27 गेंद] ही दोहरे अंक में पहुंचे और उसकी टीम 19.2 ओवर में 92 रन पर ढेर हो गई। यह मुंबई का आईपीएल में दूसरा न्यूनतम स्कोर है। पिच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं थी लेकिन दिल्ली ने भी तीन विकेट गंवाए। कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 36 गेंद पर 32 रन ठोके और दिल्ली ने 14.5 ओवर में तीन विकेट पर 93 रन बनाकर एकतरफा जीत दर्ज की। यह लगातार दूसरा मैच है जबकि डेयरडेविल्स ने 15 से कम ओवर में लक्ष्य हासिल किया। मेहमान टीम की इस जीत के नायक उसके गेंदबाज रहे जिन्होंने परिस्थितियों का अच्छा फायदा उठाकर मुंबई को रनों के लिए तरसा दिया। उसके सभी गेंदबाजों ने किफायती गेंदबाजी की। उमेश यादव, शाहबाज नदीम, मोर्ने मोर्कल और अजित अगरकर ने दो-दो विकेट लिए। इरफान पठान को एक विकेट मिला। डेयरडेविल्स की यह चौथे मैच में तीसरी जीत है और अब वह छह अंक के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। मुंबई को पांचवें मैच में दूसरी हार का सामना करना पड़ा। उसके भी छह अंक हैं। आसान लक्ष्य के जवाब में दिल्ली ने कोई हड़बड़ी नहीं दिखाई और आराम से रन बनाने में विश्वास किया। ओपनर नमन ओझा [13 रन, 15 गेंद] ने सहवाग के साथ पारी का आगाज किया। दोनों ने पांच ओवर में बिना किसी नुकसान के 34 रन बनाए। नमन अपनी पारी में महज दो चौका जमा सके। वहीं सहवाग ने पहले ही ओवर में मुनफ की गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट पर छक्का जमा दिया। हालांकि इसके बाद वह काफी संयम से खेलते रहे। नमन को आरपी सिंह ने हरभजन सिंह के हाथों कैच कराकर मुंबई को पहली सफलता दिलाई। सहवाग का साथ देने क्रीज पर केविन पीटरसन आए लेकिन मात्र नौ रन बनाने के बाद आरपी सिंह के स्पेल की आखिरी गेंद पर डेवी जैकब्स को कैच थमा बैठे। प्रज्ञान ओझा ने अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी करने वाले सहवाग को आउट कर टीम को तीसरी व आखिरी सफलता दिलाई। सहवाग ने 36 गेंदों में 32 रन बनाए। महेला जयवर्धने ने 20 गेंद पर 17 और चोट से उबरने के बाद इस आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे रोस टेलर दस गेंद पर 11 रन बनाकर नाबाद रहे। मुंबई की तरफ से आरपी सिंह ने 24 रन देकर दो विकेट लिए जबकि हरभजन ने गेंदबाजी नहीं की। इससे पूर्व दिल्ली के गेंदबाजों ने कप्तान सहवाग का टास जीतकर मुंबई को पहले बल्लेबाजी के लिए न्यौता देने के फैसले को सही साबित करने में देर नहीं लगाई। इरफान के पहले ओवर में केवल दो अतिरिक्त रन बने। बाएं हाथ के स्पिनर शाहबाज नदीम ने अगले ओवर में डेवी जैकब्स [0] को खासा परेशान किया और आखिर में आर्म बाल पर उनकी गिल्लियां भी बिखेर दी। जैकब्स दस गेंद खेलने के बावजूद खाता नहीं खोल पाए। नदीम ने इसके बाद रिचर्ड लेवी [1] को भी बोल्ड किया। रोहित ने मोर्ने मोर्कल का स्वागत दो चौकों से किया लेकिन अंबाती रायुडु [4 रन, 11 गेंद] तेज और स्पिन आक्रमण के सामने जूझते हुए नजर आए और आखिर में तेजी से लेग बाई चुराने के प्रयास में रन आउट हो गए। मुंबई इंडियंस का स्कोर जब आठवें ओवर के शुरू में तीन विकेट पर 30 रन था तब कीरोन पोलार्ड [1] ने क्रीज पर कदम रखा लेकिन इस कैरेबियाई विस्फोटक बल्लेबाज ने धैर्य नहीं दिखाया और उमेश यादव के अगले ओवर में गेंद हवा में लहरा दी। इस आईपीएल में पहला मैच खेल रहे रोस टेलर ने दौड़ लगाकर उसे कैच में तब्दील किया। मुंबई को ऐसे समय में पारी को संवारने वाले बल्लेबाज की जरूरत थी लेकिन रोहित भी यह भूमिका नहीं निभा पाए। अजित अगरकर की अतिरिक्त उछाल वाली गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में तैरने लगी और टेलर ने सीमा रेखा पर फिर से दौड़ लगाकर उसे कैच में बदल दिया। इस तरह से मुंबई की आधी टीम दस ओवर से पहले 41 रन पर पवेलियन लौट गई। रोहित ने अपनी पारी में पांच चौके लगाए। दिनेश कार्तिक [3] को भी अपने साथियों के साथ डगआउट में पहुंचने की जल्दबाजी थी और इसलिए उन्होंने उमेश की गेंद बिना टाइमिंग के पुल करके मिडआन पर केविन पीटरसन को कैच का अभ्यास कराया। दर्शक चकित थे और मुंबई का खेमा सन्न। हरभजन ने ऐसे समय में कुछ आकर्षक शाट लगाकर स्कोर को आगे बढ़ाया। उन्होंने अगरकर को निशाना बनाया और उन पर पहले लांग आफ पर छक्का जड़ने के बाद लगातार दो चौके लगाए। दूसरे छोर पर कोई ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाया। जेम्स फ्रैंकलिन की जगह टीम में लिए गए आस्ट्रेलियाई क्लिंट मैक्के 15 गेंद पर केवल आठ रन बना पाए। मोर्कल ने आरपी सिंह का आफ स्टंप उखाड़ने के बाद हरभजन को विकेट के पीछे कैच कराया। मुंबई के कप्तान की पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल है।