18 February 2019



खेलकूद
साइना ने लगाए गंभीर आरोप
24-04-2012

नई दिल्ली। भारत की शीर्ष वरीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने सोमवार को चीन की खेल भावना पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह चीन में खेलते हुए अक्सर असहाय महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि वहां लाइन कॉल हमेशा चीनी खिलाड़ियों के पक्ष में जाते हैं। हाल ही में साइना को चीन के क्विंगदाओ में एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप के दूसरे दौर में चीन की जिया चेन के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। चेन वरीयता क्रम में साइना से काफी नीचे हैं। सिरी फोर्ट स्टेडियम में मंगलवार से शुरू हो रहे इंडिया ओपेन बैडमिंटन टूर्नामेंट के लिए यहां पहुंचीं साइना ने कहा कि मैं जानती थी कि चेन अच्छी खिलाड़ी है, लेकिन मैंने उसके साथ ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। लाइन अंपायरों का फैसला हर बार चीनी खिलाड़ियों के हक में जा रहा था। यह उनके लिए बड़ी बात थी, लेकिन मैं इस बारे में शिकायत नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि मैं बस अपना खेल जारी रखे हुए थी। अब मुझे चीनी खिलाड़ियों को हराने के लिए कोई अलग रास्ता निकालना होगा। मैंने कुछ को छोड़कर हर चीनी खिलाड़ी को हराया है। विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी साइना ने कहा कि चीनी खिलाड़ी एक इकाई के रूप में खेलते हैं और उनके लिए व्यक्तिगत सफलता मायने नहीं रखती। साइना ने कहा, दूसरी खिलाड़ियों के लिए दिक्कत यह है कि किसी भी टूर्नामेंट में कई चीनी खिलाड़ी खेलती हैं। एक हारती है तो दूसरी जीत जाती है। उनका मुख्य उद्देश्य चीन के लिए पदक जीतना होता है। वहीं साइना ने चीन की यिहान वांग को एक कड़ा प्रतिद्वंद्वी करार दिया। उन्होंने कहा, वांग के खिलाफ खेलना वाकई में बहुत कठिन है। उनका खेल बहुत तेज है। मुझे उनके खिलाफ काफी सावधान रहना होगा लेकिन वांग को छोड़कर बाकी कई चीनी खिलाड़ी मुझसे घबराती हैं। मैं लगातार उनके खिलाफ खेल रही हूं और कइयों को लगातार मौकों पर हराया भी है। कभी-कभी भूल जाती हूं अपने स्ट्रोक राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की देखरेख में अपने आक्रमण को और धारदार बनाने में जुटीं साइना ने कहा कि मैं कभी-कभी अपने स्ट्रोक्स भूल जाती हूं। इसलिए मुझे उनका लगातार अभ्यास करते रहना होता है। मैं दुर्भाग्य से कई अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की तरह कलाई के साथ बहुत अच्छी नहीं हूं। दो बार इंडोनेशियाई ओपेन जीत चुकीं साइना ने कहा कि वह इंडिया ओपेन खिताब हासिल करने के लिए बेताब हैं। उन्होंने कहा, यह इकलौता सुपर सीरीज खिताब है, जिसे वह घरेलू मैदान पर हासिल कर सकती हैं। यहां जीतने से उन्हें जुलाई में लंदन ओलंपिक के लिए लय में आने में मदद मिलेगी। साइना ने दो घंटे के अभ्यास सत्र के बाद कहा, इंडिया ओपन विशेष टूर्नामेंट है। यह वही स्टेडियम है, जहां मैंने राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीता था। इससे मेरी सुहानी यादें जुड़ी हैं। मैं यहां सुपर सीरीज जीतना चाहती हूं। मेरे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है और मुझे यहां अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है। ड्रॉ के बारे में पूछे जाने पर साइना ने कहा कि यह अच्छा ड्रॉ है, क्वार्टर फाइनल में टीन बाउन से खेलना है और उन्हें अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है। 22 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह पिछले साल दिसंबर से अच्छा खेल दिखा रही हैं और अब चीन के खिलाड़ी भी उनसे खेलते में डरते हैं। साइना ने कहा, पिछले साल मैं पहले दौर में हार गई थी। मैंने टखने की चोट के बाद एक महीने आराम किया, लेकिन समय पर चोट से उबर नहीं पाई लेकिन अब मैं अच्छे फॉर्म में हूं और अच्छा खेल रही हूं। मेरे खेल में कुछ बदलाव की जरूरत नहीं है। साइना ने कहा कि चीन के खिलाड़ियों से आगे रहने के लिए उन्हें अपना रास्ता ध्यानपूर्वक चुनना होगा और कुछ विशेष रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि चीन के पास सहयोगी स्टाफ में काफी सदस्य हैं। उनके सभी कोच सुपर सीरीज, ओलंपिक पदक या ऑल इंग्लैंड चौंपियन के विजेता हैं, इसलिए वे हर बार खेलते समय नई रणनीति के साथ आते हैं।