16 February 2019



खेलकूद
रोचांचक मैच में मुबई की पुणे के खिलाफ जीत
04-05-2012

खेल डेस्क. सब्रतो रॉय सहारा स्टेडियम में हुए आईपीएल-5 के 45वें मुकाबले में कप्तान हरभजन सिंह की अगुवाई में मुंबई इंडियंस ने मेजबान पुणे वारियर्स को 1 रन के अंतर से हरा दिया। आईपीएल के संक्षिप्त इतिहास में यह चौथी 1 रन की जीत है।मुंबई की इस जीत के पीछे मुनाफ पटेल के कसे हुए अंतिम ओवर का बड़ा हाथ रहा। मुनाफ ने मिथुन मन्हास जैसे लय में चल रहे बल्लेबाज को बांधकर रखा और पुणे के हाथ से मैच छीन लिया। मुंबई द्वारा बनाए 120 रन के स्कोर के जवाब में पुणे 119 रन ही बना सकी।पुणे को अंतिम गेंद पर चार रनों की दरकार थी। इससे पहले वाली गेंद पर पुणे के भुवनेश्वर कुमार एक चौका लगा चुके थे। अंतिम गेंद की लाइन क्या हो, इस पर निर्णय लेने के लिए मुनाफ ने कप्तान हरभजन सिंह की राय ली और इसके बाद मैच मुंबई की झोली में आ गया।आईपीएल के इतिहास में यह चौथा मौका है जब कोई टीम महज 1 रन के अंतर से मैच जीती है। सबसे पहले यह कारनामा किंग्स इलेवन पंजाब ने मुंबई इंडियंस के ही खिलाफ 21 मई 2008 को मुंबई में हुए मुकाबले में किया था। तब पंजाब के गेंदबाजों ने 190 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे मुंबई के बल्लेबाजों को 188 पर रोक दिया था।इसके बाद 2009 में पंजाब ने दोबारा डेक्कन चार्जर्स को 1 रन से हराया। मौजूदा टूर्नामेंट में दिल्ली डेयरडेविल्स ने एक बार फिर आईपीएल में वो एक रन का रोमांच जगाया। गत 29 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में दिल्ली ने 1 रन से जीत दर्ज की।सबसे छोटे लक्ष्य के आधार पर यह आईपीएल की सबसे रोमांचक जीत है। इससे पहले हुए 1 रन के अंतर वाले मुकाबलों में लक्ष्य 121 से अधिक रनों का रहा है। आईपीएल के सबसे नजदीकी चार मुकाबले इस प्रकार से हैं...मुंबई इंडियंस - पुणे वारियर्स के खिलाफ (लक्ष्य 121 रन) - 3 मई 2012किंग्स इलेवन पंजाब - डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ (लक्ष्य 135 रन) - 17 मई 2009दिल्ली डेयरडेविल्स - राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ (लक्ष्य 153 रन) - 29 अप्रैल 2012किंग्स इलेवन पंजाब - मुंबई के खिलाफ (लक्ष्य 190 रन) - 21 मई 2008