19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
डबल एजेंट के कारण विमान उड़ाने की अल-कायदा की साजिश नाकाम
10-05-2012

वाशिंगटन। एक डबल एजेंट के कारण अमेरिकी विमान उड़ाने की अल-कायदा की साजिश नाकाम रही। न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसका खुलासा किया है। अखबार के मुताबिक, यमन स्थित अलकायदा नेताओं की ओर से इस साजिश में शामिल किया गया आत्मघाती बम हमलावर दरअसल एक जासूस है। वह सऊदी खुफिया एजेंसी के लिए काम करता है। एक योजना के तहत सीआईए ने इस जासूस को अलकायदा में प्लांट कराया था।न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ‘एक बेहतरीन खुफिया अभियान के तहत यह डबल एजेंट पिछले महीने यमन से निकला। उसने सीआईए, सऊदी इंटेलिजेंस और मित्र देशों की विदेशी खुफिया एजेंसियों को विमान में रखे जाने वाले बम, आतंकी समूह के नेताओं, ठिकानों, तरीकों और योजनाओं की अंदरूनी सूचनाएं दीं।खबर के अनुसार अलकायदा के साथ हफ्तों तक रहने के बाद इस डबल एजेंट ने सीआईए को कई महत्वपूर्ण सूचनाएं दी। इसकी मदद से ही रविवार को यमन में ड्रोन हमले किए गए थे। इन हमलों में अलकायदा के विदेशी अभियानों के निदेशक फहद मोहम्मद अहमद अल कूसो की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार डबल एजेंट फिलहाल सऊदी अरब में सुरक्षित है।गौरतलब है कि सोमवार को अमेरिकी विमान उड़ाने की साजिश नाकाम करने से संबंधित सूचना सार्वजनिक की गई थी। पिछले महीने इस साजिश के बारे में पता चला था। अब यह जानकारी सामने आई है कि हमलावर बम लेकर यमन से निकला और सऊदी अरब में अधिकारियों को सौंप दिया। फिलहाल यह बम एफबीआई के पास है और वह वर्जीनिया स्थित अपने प्रयोगशाला में इसका विश्लेषण कर रही है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह बम 2009 में पकड़े गए अंडरवियर बम से ज्यादा आधुनिक है। इसमें धातु का इस्तेमाल नहीं किया है। इस बम में विस्फोट के लिए दो डेटोनेटर लगाए गए हैं। आमतौर पर बम में एक ही डेटोनेटर का इस्तेमाल किया जाता है।न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा है कि यदि इस बम की मदद से किसी जहाज पर हमला किया जाता तो भारी नुकसान होता।दरअसल, धातु का इस्तेमाल नहीं किए जाने के कारण इस बम के मेटल डिटेक्टर की पकड़ में आने की संभावना नहीं के बराबर है। सूत्रों के अनुसार यह बम भी इब्राहिम हसन अल असीरी का बनाया हुआ लगता है। असीरी सऊदी अरब से भागा हुआ आतंकी है। 2009 में पकड़ा गया अंडरवियर बम भी उसने ही बनाया था।बयान :अलकायदा अब भी गंभीर खतरा है। इसे देखते हुए हम पिछले कई सालों से अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके कारण ही हम इन आईईडी बमों को विमान या किसी हवाई अड्डे पर रखे जाने से पहले कार्रवाई करने में सफल हुए। इस बम के विश्लेषण से जो भी जानकारी मिलेगी उसका इस्तेमाल हवाईअड्डों और दूसरी महत्वपूर्ण जगहों पर इस तरह के बम हमलों की रोकथाम के लिए बेहतर तरीके अपनाने के लिए करेंगे।जॉन ब्रैनेन, अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य आतंकरोधी सलाहकार।कायदा का बम निर्माता बना सबसे बड़ा खतरा वाशिंगटन। यमन के सुदूर क्षेत्र में चोरी छिपे बम फैक्टरी चलाने वाला एक सऊदी अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। उसने पिछले तीन वर्षो में देश में तबाही मचाने के तीन प्रयास किए हैं। इस आतंकवादी के बनाए बम एक के बाद एक अधिक अत्याधुनिक होते जा रहे हैं और अमेरिकी खुफिया बलों के लिए उसे ढूंढ पाना मुश्किल हो रहा है। अमेरिकी खुफिया बलों ने उसे देश के सर्वाधिक वांछित व्यक्ति के तौर पर चिह्न्ति कर लिया है। सीएनएन ने अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के हवाले से बताया कि इब्राहीम हसन अल असिरी नाम का यह बम निर्माता अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद सीआईए के लिए किसी बुरे सपने की तरह सामने आया है और वह अमेरिका के आतंकवाद निरोधक प्रयासों के केंद्र में आ गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी के अनुसार सऊदी अरब के मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाला 30 वर्षीय असिरी अलकायदा की यमनी शाखा का शीर्ष बम निर्माता है। एजेंसी ने उसे एविल जीनियसनाम दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि असिरी ने डेट्राइट के पास एक वाणिज्यिक वाहन और अमेरिका जा रहे दो मालवाहक विमानों को गिराने के प्रयासों के तहत बम बनाए। मंगलवार को ही विफल की गई यह साजिश उसका नवीनतम प्रयास है। इस बार इस्तेमाल किया जाने वाला बम सबसे अधिक उन्नत है। यह बम असिरी के ही पहले बनाए गए अंडरवियर बम का एक अन्य रूप था।