17 February 2019



मनोरंजन
लेखक है फिल्म के असल नायक: जॉन
11-05-2012

मुंबई। मॉडल से अभिनेता बने जॉन अब्राहम का मानना है कि फिल्म के असल नायक उसके लेखक होते हैं और फिल्मों में सितारों से ज्यादा कहानी पर ध्यान दिया जाना चाहिए। 39 वर्षीय जॉन हाल ही में फिल्म विकी डोनर से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उतरे हैं। यह फिल्म स्पर्म डोनेशन के महत्वपूर्ण मुद्दे पर आधारित थी, जिसे खूब सराहा गया। जॉन ने कहा कि समय आ गया है कि बॉलीवुड फिल्मों में सितारों से ज्यादा कहानी को महत्व दी जाए। जॉन ने कहा, मुझे लगता है कि पटकथा लेखक फिल्म के असली नायक होते हैं। लेखकों को सफलता का उतना श्रेय नहीं मिलता जितना कि मिलना चाहिए। मैंने अपनी फिल्म विकी डोनर में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया और इसके लिए फिल्म की लेखक जूही चक्रवर्ती ने बेहतरीन काम किया। मुझे लगता है कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री को सितारों से ज्यादा कहानी पर ध्यान देना चाहिए। जॉन ने कहा कि निर्माताओं को सितारों को बेवजह महत्व नहीं देना चाहिए। फिल्म में उपयुक्त कलाकारों का चयन करना चाहिए और उन कलाकारों पर पूरा भरोसा करना चाहिए। जॉन ने कहा कि उनका मानना है कि हॉलीवुड फिल्मों के रीमेक बनाने की बजाय फिल्मकारों को कुछ नया करना चाहिए, उन्हें किताबों के फिल्म रूपांतरण के बारे में सोचना चाहिए। जॉन ने अपनी आने वाली फिल्म शूटआउट एट वडाला के निर्देशक संजय गुप्ता की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी फिल्मों की कहानियां पश्चिमी देशों की फिल्मों की तरह अलग होती है। जरूरी है कि हम कहानी को अच्छे से पेश करें। गुप्ता की फिल्म में जॉन एक पुलिस अधिकारी के किरदार में हैं। साथ ही जॉन ने कहा, मैं फिल्म इंडस्ट्री को बॉलीवुड के नाम से पुकारे जाने को बहुत ज्यादा पसंद नहीं करता क्योंकि यह नाम हॉलीवुड की तरह ही लगता है।